करतारपुर गलियारे के बहाने पाक की नापाक साजिश, खुफिया एजेंसियों की नजर में भारतीय श्रद्धालु

गुरु नानक देव की जन्म स्थली और सिखो की सबसे पवित्र धर्म स्थली करतार पुर साहिब कॉरिडोर के बहाने पाकिस्तान भारतीय श्रद्धालुओं से अपने उपयोग की जानकारी जुटाने में लगा रहता है. यह धर्म स्थल का खुलमखुला उल्लंघन है. पाकिस्तान गलियारे के बहाने साजिश रच रहा है. सूत्रों के मुताबिक कॉरिडोर पर हमेशा पाकिस्तान खुफिया एजेंसियों के लोग मौजूद रहते हैं और भारतीय श्रद्धालुओं से अपने उपयोग के लिए जानकारी जुटाने की कोशिश में लगे रहते हैं.
नई दिल्ली. सिखों की पवित्र धर्म स्थली गुरु नानक की कर्मस्थली करतारपुर साहिब कॉरिडोर के बहाने पाकिस्तान अपनी नापाक साजिश को अंजाम दे रहा है. सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक पाकिस्तान गलियारे का गलत इस्तेमाल कर रहा है. सूत्रों के मुताबिक कॉरिडोर पर हमेशा पाकिस्तान खुफिया एजेंसियों के लोग मौजूद रहते हैं और भारतीय श्रद्धालुओं से अपने उपयोग की जानकारी जुटाने की कोशिश में लगे रहते हैं. इतना ही नहीं करतारपुर कॉरिडोर का इस्तेमाल पाकिस्तान बिजनेस के लिए भी कर रहा है. भारत से करतारपुर साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं से संपर्क पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के अधिकारी देश के बारे में अपने इस्तेमाल में आने वाली जानकारी जुटाने के फिराक में लगे रहते हैं.
बिजनेस बैठकें भी होती हैं
सूत्रों के मुताबिक भारत को करतार पुर साहिब गलियारे के गलत इस्तेमाल से ऐतराज़ है. अब तक इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है लेकिन भारत नजर बनाए हुए है. इस गलियारे का मकसद केवल धार्मिक यात्रा है. हालांकि बिज़नेस बैठकों पर रोक नहीं है. पाकिस्तान द्वारा खुफिया जानकारी जुटाए जाने को लेकर हाल ही में रोटरी क्लब के अधिकारियों की बैठक हुई है. इस बारे में भारत सरकार को अवगत कराया गया है.
2019 में भारतीय श्रद्धालुओं के लिए खुला था गुरुद्वारा
सिखों के लिए करतारपुर साहिब का विशेष महत्व है. सिखों के पहले गुरु गुरु नानक देव जी ने करतारपुर साहिब में ही सिख धर्म की स्थापना की थी. रावी नदी के तट पर उन्होंने इस धर्म को बसाया था. यहीं पर गुरु नानक देव जी ने समाधि ली थी. इसी गुरुद्वारे में सबसे पहले लंगर की शुरुआत हुई क्योंकि गुरु नानक देव जी ने नाम जपो, किरत करो और वंड छको याना बांटकर खाओ का उपदेश दिया था. करतारपुर साहिब कॉरिडोर को गुरुदासपुर के डेरा बाबा नानक से लेकर एलओसी तक लगभग 4 किलोमीटर में बनाया गया है. 2018 में इसका शिलान्यास किया गया था. करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन 9 नवंबर 2019 को किया गया. गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर इस कॉरिडोर को करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए खोला गया. इससे पहले श्रद्धालु डेरा बाबा नानक स्थित गुरुद्वारे शहीद बाबा सिद्ध सैन रंधावा से दूरबीन की मदद से देखते थे. 1999 में पहली बार तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने करतारपुर साहिब कॉरिडोर को बनाने का प्रस्ताव दिया था.
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