रतनेश पाण्डेय दिनकर कार्यकारी संपादक / Sun, Nov 28, 2021 / Post views : 125
दुनिया से खुद के साथ नरमी बरतने की अपील करने वाला तालिबान अपने ही नागरिकों के साथ कितना क्रूर है इसका अंदाजा इस बात से ही लगा सकते हैं कि चेकपॉइंट पर न रुकने की वजह से तालिबानियों ने एक 33 वर्षीय डॉक्टर की जान ले ली। स्थानीय मीडिया की खबरों के मुताबिक, यह मामला अफगानिस्तान के हेरात प्रांत का है।
मीडिया से बातचीत के दौरान मृतक के परिवार ने बताया कि पुलिस चेकपॉइंट पर न रुकने की वजह से 33 साल के अमरुद्दीन नूरी को तालिबानियों ने जान से मार दिया। सूत्रों के मुताबिक, नूरी एक छोटा प्राइवेट क्लिनिक चलाते थे और हाल ही में उनकी शादी हुई थी।
तालिबान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर 15 अगस्त को कब्जा किया था। तालिबान ने सत्ता में आते ही दावा किया था कि अफगानियों के जीवन की रक्षा करेगा। हालांकि, ये असल में हालात उससे उलट हैं। तालिबान के सत्ता में आने के बाद से ही अफगानियों पर क्रूरता के मामले आम हो गए हैं। पत्रकारों और महिलाओं से मारपीट के साथ के भी कई मामले अभी तक रिपोर्ट हो चुके हैं।
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