मुंबईः शिवसेना सांसद संजय राउत के घर पर ED का धावा, पात्रा चॉल स्कैम में सबूत जुटाने के लिए कार्रवाई
संजय राउत 27 जुलाई को ईडी के सामने पेश नहीं हुए थे। उन्होंने ईडी से 7 अगस्त तक का समय मांगा था। संजय राउत ने इसके लिए संसद चलने का हवाला दिया था।

शिवसेना सांसद संजय राउत के घर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम पहुंची है। पात्रा चॉल स्कैम में सबूत जुटाने के लिए ईडी की टीम संजय राउत के घर पहुंची है और उनसे पूछताछ की जा रही है। ईडी पूछताछ के लिए संजय राउत को मुंबई स्थित दफ्तर ला सकती है और जवाब ना देने पर संजय राउत हिरासत में भी लिए जा सकते हैं। इसके पहले 27 जुलाई को ईडी ने संजय राउत को पेश होने के लिए समन भेजा था लेकिन संजय राउत पेश नहीं हुए थे। संजय राउत ने पेशी से छूट मांगी थी, लेकिन ईडी ने पेशी से छूट नहीं दी थी।
बता दें कि इस मामले में 1 जुलाई को संजय राउत से ईडी की टीम ने करीब 10 घंटे तक पूछताछ की थी। वहीं इसके बाद ईडी ने संजय राउत को पेशी के लिए दो बार समन भेजे, लेकिन संजय राउत ईडी के सामने पेश नहीं हुए। संजय राउत ने कहा था कि अभी संसद चल रही है, इसलिए वह 7 अगस्त के बाद ही पेश हो सकते हैं। 27 जुलाई को संजय राउत को ईडी के सामने पेश होना था।
वहीं छापेमारी के बीच संजय राउत ने ट्वीट कर कहा कि महाराष्ट्र और शिवसेना लड़ती रहेगी। उन्होंने कहा कि झूठी कार्यवाही है, मैं मरते दम तक लड़ूंगा और शिवसेना नहीं छोडूंगा। इस स्कैम से मेरा कुछ लेना देना नहीं है। वहीं छापेमारी के बीच शिवसेना के कार्यकर्ता संजय राउत के घर के बाहर इकट्ठा हो गए और प्रदर्शन कर रहे हैं।
क्या है पात्रा चॉल लैंड स्कैम?
पात्रा चॉल में पुनर्विकसित करने के लिए गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन कंपनी को काम मिला था। इसके तहत गोरेगांव में 47 एकड़ जमीन पर 672 किरायेदारों के घरों को पुनर्विकसित करना था। गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन कंपनी पर आरोप है कि उन्होंने महाराष्ट्र हाउसिंग एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी को गुमराह किया और बिना फ्लैट बनाए ही यह जमीन 9 बिल्डरों को करीब 901 करोड़ रुपए ने बेच दी गई। इसके साथ ही कंपनी ने बुकिंग के माध्यम से भी खरीदारों से 138 करोड़ रुपए ले लिए।
गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन कंपनी एचडीआईएल की सिस्टर कंपनी है और प्रवीण राउत भी इसके डायरेक्टर हैं। प्रवीण राउत और संजय राउत करीबी दोस्त बताए जाते हैं। बताया जाता है कि गुरु कंस्ट्रक्शन कंपनी ने गैरकानूनी तरीके से 1000 करोड़ से अधिक की कमाई की और इस रकम को अपने सहयोगियों के खाते में ट्रांसफर कर दी।
ईडी की जांच में सामने आया कि करीब 100 करोड़ रुपए प्रवीण राउत के खाते में एचडीआईएल ने जमा कराएं और 83 लाख रुपए प्रवीण राउत की पत्नी ने संजय राउत की पत्नी के खाते में ट्रांसफर किए। ईडी ने मामले में मुकदमा दर्ज किया। उसके बाद संजय राउत की पत्नी ने प्रवीण राउत की पत्नी के खाते में 55 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए।